आज के समय में, उत्पीड़न ने हमें सहनशीलता से दूर धकेल दिया है। सद्भाव की भावना का अस्तित्व खतरे में है। दयालु लोग, जो प्रेम से प्रेरित होते हैं, वे अब विश्वासघात के जाल में फंसते जा रहे हैं। उनके ईमानदार स्वभाव का गलत उपयोग उनको दुःख पहुँचाता है। हर क्षेत्र में, हम धोखे के कांड देखते हैं। वास्तविकता